रूस-यूक्रेन युद्ध
फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण किया — 1970 के दशक के बाद का सबसे भीषण वैश्विक ऊर्जा संकट शुरू हुआ। रूस यूरोप की 40% प्राकृतिक गैस और विश्व के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में से एक है। पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों ने ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को वैश्विक स्तर पर बाधित किया।
भारत के लिए यह एक जटिल भू-राजनीतिक क्षण था। भारत ने पश्चिमी प्रतिबंधों में शामिल होने से इनकार किया और छूट पर रूसी कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई — एक व्यावहारिक निर्णय जिसने घरेलू प्रभाव को कुछ कम किया, पर पश्चिमी सहयोगियों के साथ तनाव बढ़ाया।
फिर भी वैश्विक तेल कीमतें बढ़ीं और भारत में पेट्रोल मध्य 2022 में रिकॉर्ड ₹105 प्रति लीटर पर पहुँचा। सोना भी सुरक्षित निवेश माँग से उठा। रुपया पहली बार ₹80 के पार गया — एक मनोवैज्ञानिक सीमा। युद्ध ने दिखाया कि दशकों की विविधीकरण कोशिशों के बावजूद, भारत ऊर्जा मूल्य झटकों के प्रति कितना संवेदनशील है।
2022 में कीमतें
पेट्रोल
₹105.41/L
सोना
₹52,670/10g
USD/INR
₹78.60/$
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