स्वतंत्रता
जब 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ, तो उसे लगभग 200 वर्षों के औपनिवेशिक शोषण के बाद एक कमज़ोर अर्थव्यवस्था विरासत में मिली। नया रुपया ब्रेटन-वुड्स प्रणाली के तहत ₹4.76 प्रति अमेरिकी डॉलर पर आंका गया। सोना मात्र ₹88.62 प्रति 10 ग्राम और पेट्रोल 27 पैसे प्रति लीटर था — सरकारी नियंत्रित मूल्य पर।
नई सरकार ने आवश्यक वस्तुओं के दामों पर सख्त नियंत्रण रखा ताकि मुद्रास्फीति से युवा राष्ट्र को बचाया जा सके। विदेशी मुद्रा भंडार लगभग शून्य था, औद्योगिक आधार कमज़ोर था, और करोड़ों लोग गरीबी में थे। सरकार ने पेट्रोल और खाद्यान्न सहित आवश्यक वस्तुओं की कीमतें अपने नियंत्रण में रखीं।
सोना एकमात्र ऐसी संपत्ति थी जो बाज़ार-मूल्य पर चलती थी — और भारतीय परिवारों ने सदैव इसे किसी भी मुद्रा से अधिक भरोसेमंद माना। उस पहले वर्ष ने वह आधार रेखा खींची जिसके सहारे आज के मूल्यों को मापा जाता है — ₹88 के सोने से आज के ₹1.5 लाख से अधिक तक, 77 वर्षों में लगभग 1,800 गुना की वृद्धि।
1947 में कीमतें
सोना
₹88.62/10g
पेट्रोल
₹0.27/L
USD/INR
₹4.76/$
मूल्य इतिहास देखें